मौलाना आज़ाद गर्ल्स इंटर कॉलेज में बनाये गए शेल्टर होम में क़्वारन्टाइन मजदूरों को वक़्त पर दिया जा रहा है भोजन, हंगामे की बात गलत
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती प्रीति जायसवाल से डायरेक्ट प्वांइट अखबार की बात हुई।
सोशल मीडिया पर एक खबर तेज़ी से वायरल हुई जिसमे बताया गया था की 200 से अधिक प्रवासी मज़दूर जो की लॉक डाउन के कारण लुधियाना और सुल्तानपुर पैदल व साईकिल से अपने घरों को जाने को मजबूर थे उन्हें मौलाना आज़ाद गर्ल्स इंटर कॉलेज में बनाये गए शेल्टर होम में क़्वारन्टाइन कर दिया। बताया गया था की मज़दूरों को शनिवार शाम से लेकर रविवार दोपहर तक कुछ खाने पीने को नहीं दिया गया था।
इस अफवाह पर जब डायरेक्ट पॉइन्ट के पत्रकार शादाब कुरैशी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती प्रीति जायसवाल से बात की तो उन्होंने बताया की समाचार में आधी अधूरी जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि क़्वारन्टाइन सेंटर में शाम के समय 55 लोग थे जिनके रात के खाने की व्यवस्था करा दी गई थी। लेकिन पुलिस द्वारा देर रात 12 बजे के बाद 105 लोगो को और क़्वारन्टाइन किया गया। जिसकी सूचना उन्हें जब दी गई तो इतनी रात में इतने अधिक लोगों के खाने आदि की व्यवस्था कराना संभव नहीं था। उन्होंने कहा की यदि सभी लोगों को लाने से पहले उनकी संख्या पता होती तो रात में ही कोई व्यवस्था अवश्य कराई जाती। लेकिन मज़दूरों को लाने में बहुत देर हो चुकी थी। ऐसे में रात 12 बजे के बाद इतने अधिक लोगों के लिए व्यवस्था कराना सम्भव नहीं था। उन्होने आगे बताया कि फिर भी उन्होने सुबह ही जाकर वहां की व्यवस्था देखी और सभी लोगों को सुबह नाश्ता कराया। फिर 12 बजे सभी लोगों के खाने की व्यवस्था कराई।
श्रीमती जायसवाल ने बताया की सभी मज़दूरों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। वक़्त पर भोजन दिया जा रहा है। जल्द ही उनके घरों तक भेजने की व्यवस्था जल्द की जा रही है। संभवतः एक- दो दिन में सभी को भेज दिया जायेगा।
शादाब कुरैशी
अब्दुल्लाह फारूक़
डायरेक्ट प्वांइट अखबार