ये जो लोग आपको तस्वीरों में नज़र आ रहे हैं, किसी के हाथ मे झाड़ू है तो कोई पेड़ पौधों को पानी दे रहा है तो कोई योगा कर रहा है, ये न तो सफ़ाई कर्मचारी हैं न कोई गार्डनर न ही कोई योगा इंस्ट्रीक्टर.
आइए, आपसे इन लोगो का परिचय कराते हैं। ये राजधानी दिल्ली के पुलिस कर्मी हैं। दिल्ली के थाना नंगलोई में SHO के पद पर तैनात श्री विशुद्ध आनंद जी की पोस्टिंग होते ही पूरे थाने का माहोल ही बदल गया। विशुद्ध जी आदत से तो बहुत ही कड़क इंसान हैं लेकिन लोगो की भलाई का जज़्बा कूट कूट कर इनमें भरा है।
जब कोरोना जैसी महामारी ने हमारे देश मे पावँ पसारे, तो पूरा मुल्क लॉकडाउन की स्थिति में चला गया, पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों के कंधों पर ज़िम्मेदारियों का सबसे ज़्यादा बोझ आ गया।
विशुद्ध जी ने जब देखा कि स्टाफ कम है और ज़िम्मेदारियाँ ज़्यादा तो उन्होंने वो काम भी अपने ज़िम्मे ले लिए जिसके लिए वो बाध्य भी नही थे।
जब कोरोनो से बचाव का सबसे बेहतर तरीका साफ़ सफ़ाई और स्वस्थ रहना ही है तो एस एच ओ साहब ने खुद झाड़ू उठाई और अपने थाने की सफ़ाई शुरू कर दी। अपने थाने के एस एच ओ को ऐसा करते देख सारे पुलिस कर्मी भी सफ़ाई अभियान में उनके साथ जुट गए। कुछ लोगो ने माली की ज़िम्मेदारी निभाई तो कुछ ने विशुद्ध जी के आग्रह पर योगा की तरफ़ ख़ुद को मोड़ लिया ताकि शरीर भी स्वस्थ रहे। अब शरीर भी मज़बूत होता है और थाना भी शीशे की तरह साफ़ रहता है।
ऐसी मिसाले बहुत सकून देती हैं क्योंकि इसी भावना से राष्ट्र निर्माण होता है। हमे उम्मीद है बाक़ी लोग भी विशुद्ध जी से सीख लेकर अपने अपने इलाकों में कोई न कोई ऐसी शुरुआत ज़रूर करेंगे जिससे समाज को मजबूती मिले।
विशुद्ध जी और उनके साथी असल मे हीरो हैं। वो इस महामारी में योद्धाओं की तरह काम कर रहे हैं। इसीलिए डायरेक्ट प्वांइट अखबार ऐसे शानदार लोगो को कोरोना योद्धा कहता है। विशुद्ध जी को हमारा सैलूट।